आपको इनकम टॅक्स की नोटिस आयी है? आई.टी. नोटिस मिलने पर आपको कौन-से कदम उठाने चाहिए

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इनकम टॅक्स ऑफिस से नोटिस मिलने पर आम तौर पर सबको चिंता होती है और मन घबराने लगता है। आपको नोटिस दिए जाने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन खास बात यह है कि उसका जवाब सही तरीके से दिए जाने पर ही मसला आसानी से सुलझ सकता है। आई.टी. नोटिस दिए जाने के कुछ कारण हैं – इनकम टॅक्स रिटर्न फाइल करने या फाइल न करने में देरी, इनकम की सही जानकारी का जानबूझकर खुलासा न करना या अपने पति या पत्नी या परिवार के सदस्यों के नाम पर किए गए इनवॆस्टमेंट का खुलासा करने में लापरवाही करना, इत्यादी। हालाँकि (कुछ नोटिसों का परिणाम गंभीर हो सकता है, कुछ नोटिस सिर्फ आम पूछताछ के लिए भी दिए जाते हैं जो इनकम टॅक्स अधिकारी जानना चाहते हैं। नज़रअंदाज करना, जवाब नहीं देना और यूँ ही जवाब देने में वक्त लगाना सही नहीं होगा क्योंकि बाद में इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

अगर इनकम टॅक्स एक्ट की धारा 143(1) के तहत आपको कोई इनटिमेशन नोटिस ईमेल या एस.एम.एस. से आती है, तो आपको नोटिस मिलने के 30 दिनों के अंदर ही जवाब देना होगा। इसलिए सबसे बेहतरीन और उम्दा तरीका है, जवाब देना। इसके लिए एक ही उसूल है, “सही काम करें और समय पर काम करें”।

पहला कदम

इस मामले में क्या जवाब देना है, इसके लिए किसी पेशेवर चार्टर्ड एकाउंटंट या टॅक्स कनसल्टेंट की मदद लीजिए। इनकम टॅक्स डिपार्टमेंट द्वारा किए जानेवाले ऐसे सवालों के जवाब देने के लिए उनके पास सही जानकारी, अनुभव और साधन होते हैं।

आप शायद इन सवालों के जवाब खुद देना चाहें। यह ध्यान दीजिए कि आप मुद्दे पर बात करें और सही सबूत और कागज़ात के ज़रिए आई.टी. अधिकारियों को यकीन दिला पाएँ।

ई-फाइलिंग वेबसाइट के ज़रिए आप इनकम टॅक्स नोटिस का जवाब दे सकते हैं

अगर आपको लगे कि उन्होंने जो माँग की है, वह सही नहीं है, तो ई-फाइलिंग वेबसाइट पर लॉगइन करके, रीज़न सेलॆक्ट कीजिए और उस विंडो में अपनी बात कहिए कि क्यों उनकी माँग सही नहीं है। आपको अपनी असहमती की वजह बतानी होगी और साथ में सभी ज़रूरी डीटेल्स भी देने होंगे।

आम परिस्थिती में, आपको आईटी डिपार्टमेंट से 10-15 दिनों के अंदर ही जवाब मिल जाएगा।

दूसरा कदम

आईटी नोटिस मिलने पर क्या करना चाहिए, इसके लिए हमारा आसान-सा गाइड नीचे दिया है:

  • इनकम टॅक्स नोटिस को एकनॉलेज कीजिए
  • नोटिस का सही तरीके से जवाब दीजिए और अपनी जानकारी के सप्पोर्ट में सभी ज़रूरी कागज़ात दीजिए
  • रॆक्टिफाइड रिटर्न फाइल कीजिए। अगर टॅक्स ड्यूज हैं, तो तय समय के अंदर ही उसे भर दीजिए
  • कुछ मामलों में, अगर टॅक्स अधिकारी चाहते हैं कि आप खुद वहाँ मौजूद हों, तो दी गयी तारीख पर मौजूद रहिए।
  • आप खुद वहाँ मौजूद रह सकते हैं या आपकी तरफ से टॅक्स एक्पर्ट/टॅक्स प्रॉफॆशनल वहाँ मौजूद रह सकता है जो सही तरीके से जवाब देगा।
  • आपके केस के सप्पोर्ट में इनकम/इनवेस्टमेंट के सभी सबूत और कागज़ात एटैच कीजिए

यहाँ, खुशी की बात यह है कि सभी आईटी नोटिस उतने बुरे नहीं होते हैं जितना आप सोचते हैं।

कई बार ऐसा होता है कि रिटर्न फाइल करते वक्त आपसे हुई किसी गलती या चूक के लिए आई.टी. नोटिस दी जाती(jaata) है। ऐसे कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं:

  • गलत फॉर्म इस्तेमाल करते हुए इनकम टॅक्स रिटर्न फाइल करना
  • ब्याज से मिले इनकम की रिपोर्ट न करना
  • टॅक्स फ्री इनकम की रिपोर्ट न करना
  • अपने सभी बैंक खातों की रिपार्ट न देने की गलती
  • रेन्ट/एक्सपेकटेड रेन्ट का खुलासा न करना
  • अपने इनकम को अपडेट करने और अपने रिटर्न्स को रिवाइस करने से चूकना

हाल के सालों में बहुत सारी आई.टी. नोटिस भेजी गयी हैं। इसकी वज़ह है बेहतर मॉनिटरिंग और सख्त नियम, जैसे कि ‘नो यॉर कस्टमर (के.वाई.सी.)’, रिटर्न ऑनलाइन फाइल करना, इत्यादी। जब आपको आईटी नोटिस दी जाती है, तब सबसे ज़रूरी है कि आप

  1. दी गयी नोटिस पर ज़रूरी ध्यान दें
  2. नोटिस का सही समय पर सही तरीके से जवाब दें (आम तौर पर 30 दिनों का समय दिया जाता है)।
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