हिसाब-किताब


SpiderG मिलनेवाले हर भुगतान का हिसाब रखता है ताकी आपको रॆजिस्टर में की गयी एंट्रीस के साथ इन्हें मिलाने में घंटों ना बिताना पड़े। SpiderG की वज़ह से आपको हर भुगतान का हिसाब मिलता रहेगा और जो भुगतान नहीं कि गया है, उसकी भी सही जानकारी आपको मिलेगी।

ऑटोमैटिक हिसाब-किताब


सभी लेन-देन को बिल्स के साथ ऑटोमैटिक तरीके से मिलाया जाता है और उसकी रिपोर्ट डैशबोर्ड पर दिखती है

घंटों बिताकर रजिस्टर में खुद एंट्री करने और रिकार्ड रखने के झंझट से बचिए। होनेवाली गतलियों और देरी को खत्म कीजिए

आधे-अधूरे भुगतानों की रिकॉर्ड रखिए और बची हुई राशी के लिए ऑटो रिमाइंडर्स भेजिए

Reconciliation App - SpiderG
Tracking payments

भुगतान न करनेवाले ग्राहक को ट्रैक कीजिए


रॆजिस्टरों में उन ग्राहकों को ढ़ूढ़ना जिन्होंने भुगतान नहीं किया है, पुरानी बात हो गई है। SpiderG उन बिल्स को ऑटो ट्रैक करता है जिनके भुगतान में देरी हो रही है और भुगतान में हो रही देरी के बारे में ग्राहक को याद दिलाता है।

विवाद


कोई भी विवाद आपके बिसनॆस का नाम खराब नहीं करेगा। सीधे एप से ही उन्हें सुलझाइए

अपने ग्राहकों के विवाद को सुलझाने और उनके साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखने का स्मार्ट तरीका पाइए

Reconciliation App
Tracking payments

बिल ट्रैकिंग


बिल्स ट्रॅक करने, भुगतान की स्थिती जानने, विवाद सुलझाने, रिमाइंडर्स सॆट करने और भुगतान की गतिविधियों के अपडेट्स पाने के लिए कई तरीके मुहय्या कराने में SpiderG आपकी मदद करता है

ग्राहक ने कितनी बार बिल को देखा है, इसे ट्रॅक कीजिए

किसी भी आधे-अधूरे भुगतान की जानकारी पाइए और जो भुगतान नहीं हुए हैं उनके लिए रिमाइंडर भेजिए

आपके सवाल


अगर सारे भुगतान नकद में हों, तो मुझे कितने पैसे देने होंगे?

ऑफलाईन भुगतान, जैसे कि नकद या चेक या फिर ऑनलाईन ट्रांसफर के लिए कोई पैसे नहीं देने होंगे। मगर हम आपसे गुज़ारिश करते हैं और आपको बढ़ावा देते हैं कि आप हमारी सरकार के “डिजिटल इंडिया” कार्यक्रम का साथ देने के लिए ऑनलाईन भुगतान जमा करें।

जी.एस.टी. कैसे जोड़ें?

कृपया डॅशबोर्ड पर कंपनी के लोगो पर क्लिक करें। वहाँ प्रोफाईल भाग में आपको जी.एस.टी. नंबर दिखायी देगा। उस पर क्लिक करके जी.एस.टी. नंबर जोड़ दें।

स्पाइडर-जी में मेरी जानकारी कितनी सुरक्षित रहेगी?

आपकी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। हमने वही सुरक्षा-उपाय इस्तेमाल किए हैं जो बैंक करते हैं, यानी 128 बिट एस.एस.एल. एनक्रिपशन। कोई-भी आपकी जानकारी तक नहीं पहुँच सकता। सिर्फ OTP के ज़रिए लॉग-इन करने की हमारी तगड़ी प्रणाली को धोखा नहीं दिया जा सकता, और इससे कोई भी लॉग-इन करके आपकी जानकारी तब तक नहीं देख सकता जब तक कि OTP ना डाला जाए।

क्या जी.एस.टी. ज़रूरी है?

जी.एस.टी. ज़रूरी नहीं है। मगर आपसे अनुरोध है कि कृपया देश/राज्य के संबंधित नियमों का पालन करें।